भारत की इस जगह अगर एक बार जाओगे तो कभी लौट न पाओगे अंडमान आइलैंड ...

भारत की इस जगह अगर एक बार जाओगे तो कभी लौट न पाओगे अंडमान आइलैंड ……

भारत की इस जगह अगर एक बार जाओगे तो कभी लौट न पाओगे
अंडमान आइलैंड ……

जी हां भारत के अंडमान आइलैंड के उत्तर में एक सैंटिनल आइलैंड है

जहां जाने के बाद कोई भीइन्सान वापिस नहीं लौट पाता..

आइए जानते हैं क्या है इस जगह का राज..??

नफरत की इंतेहां भी इतनी कि इन्सान के कदम पड़ते ही इन आदिवासियों का खून खौल उठता है…

सेंटिनल आइलैंड में रहने वाले आदिवासी दूसरी जगह से आने वाले लोगों से सख्त नफरत करते हैं..

जिसके बाद ये लोग मिल कर उस इन्सान की जान ले लेते हैं। सुनने में तो ये बात बिल्कुल किसी हॉरर फिल्म

की कहानी जैसी लगती है लेकिन ये सच्चाई है…. ये अनोखा आइलैंड 72 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।

इस जगह की आबादी महज 400 के करीब है। यहां पर सिर्फ बेहद खतरनाक किस्म के खूंखार आदिवासी रहते हैं

जो अपने से अलग प्रजाति के लोगों को बिल्कुल पसन्द नहीं करते हैं।

21वी शताब्दी की एडवांस टेकनॉलाजी में मोबाइल इंटरनेट और तमाम आधुनिक

तकनीकों पर हम इतने निर्भर हो गए हैं जैसे अगर ये जिन्दगी में न हों तो जिन्दगी सूनी-सूनी

लगने लगती है।  ऐसे में  हम सोच भी नहीं सकते कि हमारे देश भारत का एक इलाका

ऐसा भी होगा जो दुनिया की सारी आधुनिक तकनीकों के प्रभाव से बिल्कुल परे है।

जी हां !! सेंटिनल आइलैंड पर रहने वाले आदिवासियों को आज की नई नई तकनीकों से कोई लेना देना नहीं.

. नग्न अवस्था में रहने वाले ये आदिवासी आज भी जानवरों का शिकार कर के ही अपना पेट भरते हैं।

फल, मछली, जंगली सुअर, शहद, कछुए और दूसरे जलीय जीव के अंडे बगैरह ही इनका भोजन होता है।

बता दें कि इस आइलैंड पर किसी भी पर्यटक के जाने पर सरकार की तरफ से पाबंदी लगाई गई है.

हालांकि सरकार के खिलाफ जाकर इक्का – दुक्का लोगों ने इन तक पहुंचने की कोशिश जरुर

की थी लेकिन उन्हें मार दिया गया। इतना ही नहीं एक भागा हुआ कैदी गलती से इस आइलैंड

पर पहुंच गया तो वहां रहने वाले आदिवासियों ने उसकी भी जान ले ली। सन् 1981 में एक भटकी

हुई नौका इस आइलैंड के करीब पहुंची थी। उस नौका में सवार लोगें ने बताया कि कुछ लोग किनारों पर

तीर-कमान लेकर खड़े थे.. हमारी किस्मत अच्छी थी कि हम वहां से जिन्दा वापिस आ गए।

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